Saturday, October 17, 2020

संख्या पध्दति (Number System)

 संख्याओं को लिखने व उनके नामकरण के लिए जिन सुव्यवस्थित नियमों का प्रयोग किया जाता है, उन सुव्यवस्थित नियमों को संख्या पध्दति (Number System) कहते हैं | इसके लिए निर्धारित प्रतीकों का प्रयोग किया जाता है | जिनकी संख्या निश्चित व सीमित होती है |

इन प्रतीकों को अलग-अलग प्रकार से व्यवस्थित करके भिन्न-भिन्न संख्याएँ व्यक्त की जाती हैं |

Various types of Number (संख्या के विभिन्न प्रकार)

1- Natural Numbers(प्राकृतिक संख्या) :- ऐसी संख्याएँ जो वस्तुओं को गिनने के प्रयोग में आती है, प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers) कहलाती हैं | इसे ‘N’ से प्रदर्शित करते हैं |

N={1,2,3,4,5,...........}

2- Whole Numbers (पूर्ण संख्याएँ)  :- यदि प्राकृतिक संख्याओं के समुच्चय अर्थात् समूह में शून्य को भी शामिल कर लिया जाए, तो वे पूर्ण संख्याएँ कहलाती हैं | इन्हें ‘W’ से प्रदर्शित करते हैं |

W= {0,1,2,3,4,5,...............}

3- Integers (पूर्णांक) :- यदि पूर्ण संख्याओं (Whole Numbers) के समुच्च में ऋणात्मक चिन्ह के साथ प्राकृतिक संख्याओं (Natural Numbers) को भी शामिल कर लिया जाये, तो इस प्रकार बना संख्याओं का समुच्चय पूर्णांक संख्याओं का समुच्च या पूर्णांक कहलाता है | पूर्णांक संख्याओं के समुच्चय को ‘I’ से निरूपित करते हैं |

 I= {...........-5,-4,-3,-2,-1,0,1,2,3,4,5........}

4- Even Numbers (सम संख्याएँ) :- 2 से विभाजित होने वाली प्राकृतिक संख्याओं के समुच्चय को सम संख्याएँ कहते हैं |

E={2,4,6,8,.........................}

5- Odd Numbers (विषम संख्याएँ) :- 2 से पूर्ण रूप से विभाजित नहीं होने वाली प्राकृतिक संख्याओं का समुच्च विषम संख्याओं का समुच्चय कहलाता है |

O={1,3,5,7,.....................}

6- Prime Numbers (अभाज्य या रूढ़ संख्याएँ) :- वे सभी संख्याएँ जो 1 और स्वयं के अतिरिक्त किसी अन्य से पूर्णतः विभाजित न हो, अभाज्य संख्याएँ कहलाती हैं |

जैसे- 2,3,5,7,11,13,...............सभी अभाज्य संख्याएँ (Prime Numbers) है |

7- Composite Numbers (भाज्य संख्याएँ) :- वे संख्याएँ जो 1 और स्वयं के अतिरिक्त कम-से-कम एक अन्य संख्या से पूरी तरह विभाजित हो जाए, भाज्य संख्याएँ कहलाती हैं |

जैसे- 4,8,9,15,............... इत्यादि |

8- Perfect Numbers(पूर्णकालिक संख्या) :- यदि किसी संख्या के सभी भाजकों (स्वयं को छोड़कर) का योग उसी के बराबर है, तो ऐसी संख्या को पूर्णकालिक संख्या (Perfect Numbers) कहते हैं |

जैसे- 6,  28,  496,....... इत्यादि |

Explains :-  6 के भाजक(Factor) होंगे – 1,2,3,6

6 को (यानी स्वयं छोड़कर) भाजक (Factors) होंगे – 1,2,3

परिभाषा के अनुसार यदि 6 को (स्वयं को) छोड़कर सभी भाजकों का योग संख्या 6 के बराबर हो जाता है, तो संख्या 6 एक पूर्णकालिक संख्या होगी |

चलिए जानने के लिए 6 के भाजकों (स्वयं को छोड़कर) को जोड़कर देखते हैं-

⇒1+2+3=6

अतः संख्या 6 एक पूर्ण कालिक संख्या है |

इसी प्रकार आप 28, और 496 को भी अपनी सन्तुष्टि के लिए जाँच सकते हैं |

9- Rational Numbers (परिमेय संख्याएँ) :- जिन संख्याओं को  p/q (अंश और हर के रूप में ) प्रदर्शित किया जा सकता है, परिमेय संख्याएँ कहलाती है, लेकिन शर्त यह है कि p और q दोनों पूर्णांक हो और q का मान कभी भी शून्य न हो |

जैसे- $2,0,\frac{5}{2}$ इत्यादि |

ऊपर उदाहरणों से स्पष्ट है कि-

1- प्रत्येक प्राकृतिक संख्या (Natural Numbers) एक परिमेय संख्या होती है |

2- प्रत्येक पूर्ण संख्या एक परिमेय संख्या होती है |

3- प्रत्येक पूर्णांक संख्या (Integers) एक परिमेय संख्या होती है |

4- प्रत्येक भिन्न (Fraction) एक परिमेय संख्या होती है |

Note⇒ प्रत्येक परिमेय संख्या $\frac{m}{n}$ का अपना योज्य व्युत्क्रम $\frac{-m}{n}$ होता है |

Note⇒ प्रत्येक शून्येतर परिमेय संख्या $\frac{m}{n}$ का अपना गुणात्मक विलोम $\frac{n}{m}$ होता है |

10- अपरिमेय संख्या (Irrational Numbers) :- वे सभी संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सके (जहाँ p और q कोई पूर्णांक हो और q≠0) परिमेय संख्याएँ कहलाती हैं |

जैसे- $\sqrt{3}$ और $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्याएँ हैं क्योंकि इनमें हर (q) तो पूर्णांक है लेकिन अंश (p) एक पूर्णांक संख्या नहीं है |

भिन्न (Fraction)

वे संख्याएँ जो $\frac{m}{n}$ के रूप में होती है, जहाँ m और n प्राकृतिक संख्याएँ हैं, भिन्न कहलाती हैं |

जैसे- $\frac{3}{4},\frac{2}{5},\frac{1}{3},\frac{4}{3},3\frac{3}{4},2\frac{1}{3}$ आदि |

1- उचित भिन्न (Proper Fraction) :- जब हर (Denominator) अंश से बड़ा होता है, तो उसे उचित भिन्न कहते हैं |

जैसे- $\frac{3}{5},\frac{2}{5}$आदि |

2- विषम या अनुचित भिन्न (Improper Fractions) :- जब अंश (Numerator) से हर (Denominator) छोटा होता है, तो उसे विषम या अनुचित भिन्न कहते हैं |

जैसे- $\frac{4}{3},\frac{7}{2}$ आदि |

3- मिश्रित भिन्न (Mixed Fractions) :- पूर्ण संख्या (Whole Number) और उचित भिन्न (Proper Fraction) का संयुक्त (Combination) रूप मिश्रित भिन्न कहलाता है |

4-दशमलव भिन्ने (Decimals) :-   ऐसी भिन्ने जिनका हर 10 की घात में होता है , वह दशमलव भिन्ने कहलाती हैं |

जैसे-$\frac{1}{10},\frac{2}{{{10}^{2}}},\frac{5}{{{10}^{5}}},\frac{7}{{{10}^{5}}}$ आदि |

Test of Divisibility (विभाजकता की जाँच) :-

प्रतियोगी परीक्षाओं में कुछ ऐसे प्रश्न या संख्याएँ होती हैं, जिसमें विभाजकता की शर्तें का प्रयोग करके हम आसानी से जाँच सकते हैं कि वह संख्या किस संख्या से विभाज्य (Divisible) होगी | विभाजकता से जुडी कुछ महत्वपूर्ण शर्ते हैं , जो निम्नलिखित हैं -

(a)- 2 से विभाज्यता (Divisibility by 2) – यदि किसी दी गयी संख्या के इकाई के स्थान पर शून्य या सम संख्या (Even Number) हो, तो वह संख्या 2 से विभाज्य (Divisible) होगी |

जैसे - 452452, 45524, 545220 आदि |

(b) 3 से विभाज्यता (Divisibility by 3)-  यदि किसी दी गई संख्या के सभी अंकों का योग (Sum of all Digits) 3 से विभाजित हो जाता है, तो वह संख्या 3 से विभाज्य (Divisible) होगी |

(c) 4 से विभाज्यता (Divisibility by 4) :-  यदि किसी संख्या के अन्तिम दोनों अंक (last two Digits) या किसी संख्या के अन्त में दो या दो से अधिक शून्य हो, तो वह संख्या 4 से विभाज्य (Divisible) होगी |

(d)- 5 से विभाज्यता (Divisibility by 5) :- यदि दी हुई संख्या के इकाई के स्थान पर शून्य या 5 हो, तो वह संख्या 5 से विभाज्य होगी |

जैसे- 5825, 530570 आदि |

(e)- 6 से विभाज्यता (Divisibility by 6) :- यदि कोई संख्या 2 तथा 3 दोनों से पुर्णतः विभाज्य है, तो वह संख्या 6 से विभाज्य होगी |

(f)- 8 से विभाज्यता (Divisibility of 8) :- यदि दी गयी संख्या के अन्तिम तीन अंकों द्वारा बनी संख्या 8 से विभाजित हो जाती है, तो वह संख्या 8 से विभाज्य (Divisible) होगी |

(f)- 9 से विभाज्यता (Divisibility by 9) :- यदि दी गयी संख्या के सभी अंकों का योग 9 से विभाजित हो जाता है, तो वह संख्या 9 से विभाज्य (Divisible) होगी |


(g)- 11 से विभाज्यता (Divisibility by 11) :- यदि दी गयी संख्या के विषम स्थानों (Odd Places) तथा सम स्थानों (Even Places) के अंकों का योग का अन्तर या तो शून्य हो या 11 से विभाज्य हो जाता है, तो वह  संख्या 11 से विभाज्य होगी |

इसी प्रकार संख्या 928246 भी 11 से विभाज्य है , क्योंकि संख्या के सम सथानो के अंको का योग और संख्या के विषम स्थानों के अंको  का योग का अंतर 11 है, जोकि 11 द्वारा विभाजित हो जाता है | 

महत्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)

⇒ ${{\left( a+b \right)}^{2}}=\left( {{a}^{2}}+{{b}^{2}}+2ab \right)$

⇒ ${{\left( a-b \right)}^{2}}=\left( {{a}^{2}}+{{b}^{2}}-2ab \right)$

⇒ ${{\left( a+b \right)}^{2}}+{{\left( a-b \right)}^{2}}=2\left( {{a}^{2}}+{{b}^{2}} \right)$

⇒ ${{\left( a+b \right)}^{2}}-{{\left( a-b \right)}^{2}}=4ab$

⇒ ${{\left( {{a}^{2}}-{{b}^{2}} \right)}^{{}}}=\left( a+b \right)\left( a-b \right)$

⇒ ${{\left( a+b \right)}^{3}}={{a}^{3}}+{{b}^{3}}+3ab\left( a+b \right)$

⇒ ${{\left( a-b \right)}^{3}}={{a}^{3}}-{{b}^{3}}-3ab\left( a-b \right)$

⇒ $\left( {{a}^{3}}+{{b}^{3}} \right)=\left( a+b \right)\left( {{a}^{2}}-ab+{{b}^{2}} \right)$

⇒ $\left( {{a}^{3}}-{{b}^{3}} \right)=\left( a-b \right)\left( {{a}^{2}}+ab+{{b}^{2}} \right)$

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