Saturday, October 17, 2020

H.C.F. and L.C.M. of Numbers - Important Facts

 गुणनखण्ड तथा गुणज (Factors and Multiples) :- यदि कोई संख्या किसी संख्या b को पूर्णतया विभाजित (Divide) कर देती है, तो संख्या a को संख्या संख्या b का गुणनखण्ड (Factor) कहते हैं,  तथा संख्या b को संख्या a का गुणज (Multiple) कहते हैं |

जैसे- 3, 15 का गुणनखण्ड (क्योंकि 3, 15 को पूर्णतया विभाजित कर देगा) है और 15, 3 का गुणज होगा  |

महत्तम समापवर्तक (Highest Common Factor, HCF) :-

बड़ी से बड़ी वह संख्या अथवा उच्चतम घात (Highest Power) वाला वह व्यंजक (Expression) जो दी गई संख्याओं अथवा व्यंजकों में से प्रत्येक को पूर्ण रूप से विभाजित कर दे, उन संख्याओं (Numbers) अथवा व्यंजकों का म० स० (H.C.F.) कहलाता है |

महत्तम समापवर्तक ज्ञात करने की विधियाँ (Methods to Finding H.C.F.) - म० स० ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित दो विधियाँ (Methods) हैं-

(a) गुणनखण्ड विधि (Factorization Method):- इस विधि में सबसे पहले दी गई संख्याओं अथवा व्यंजकों का अभाज्य गुणनखण्ड (Prime Factor) निकलते हैं, फिर इसके बाद सर्वनिष्ट गुणनखण्ड (Common Factor) ज्ञात करते हैं | और अन्त में प्राप्त सर्वनिष्ठ गुणनखण्डों का गुणनफल ज्ञात कर लेते हैं, यह गुणनफल ही दी गई संख्याओं (Numbers) अथवा व्यंजकों (Expressions) का म०स० (H.C.F.) होगा |

Example - ${{x}^{5}},x{}^{7},{{x}^{3}}$ का म०स० (H.C.F.) ज्ञात करना-


(b)-भाग विधि (Division Method) :- इस विधि में सर्वप्रथम बड़ी संख्या को छोटी संख्या से भाग करते हैं, जो शेषफल बचता है, उससे पुनः प्रथम प्रक्रिया (Process) के भाजक (Divisor) में भाग दें | पुनः जो शेषफल बचता है उससे द्वितीय प्रक्रिया के भाजक में भाग देते हैं | इस प्रक्रिया को तब करते हैं, जब तक कि शेष शून्य न हो जाए | जब शेषफल शून्य हो जाये तब अन्तिम भाजक (Divisor) म०स० (H.C.F.) होगा |

Example :- 368 तथा 437 का म०स० (H.C.F.) ज्ञात करिए |

दो से अधिक संख्याओं का म० स० ज्ञात करना(Finding the H.C.F. of more than two numbers)-

यदि दो से अधिक संख्याएं (माना-N1,N2,N3 और N4 चार संख्याये हैं) हो, तो इनका H.C.F. निम् PROCESS(प्रक्रिया) को Follow करते हुए ज्ञात कीजिये -

  


लघुत्तम समापवर्त्य (Least Common Multiple, L.C.M.):-

दो या दो से अधिक संख्याओं अथवा व्यंजकों (Expressions) का ल०स० (L.C.M.) वह छोटी से छोटी संख्या अथवा न्यूनतम घात वाला व्यंजक है, जो दी गई संख्याओं या व्यंजकों से पूरी तरह विभाजित हो जाता है |

लघुत्तम समापवर्त्य निकालने की विधियाँ (Methods to Finding L.C.M.)-

(a) गुणनखण्ड विधि (Factorization Method) :- इस विधि में सबसे पहले संख्याओं या बहुपदों के अभाज्य गुणनखण्ड (Prime Factor) करते हैं | फिर गुणनखण्डों की महत्तम घात (Highest Power) वाले गुणनखण्डो को चुनकर उनका गुणा कर लेते हैं, यही गुणनफल संख्याओं या व्यंजकों का ल०स० (L.C.M.) होता है |

उदाहरण :- $x{}^{3}y,xy$और $y{}^{3}x$ का ल०स० (L.C.M.) ज्ञात कीजिए |

(b) भाग विधि (Division Method) :- इस विधि में अभाज्य संख्याओं (Prime Numbers) से भाग देकर ल०स० (L.C.M.) ज्ञात करते हैं |

जैसे- भाग विधि से 8,6,16 का ल०स० ज्ञात करना |

8,6,16 का ल०स० = 2⨯2⨯2⨯3 = 24

 

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